सुरभि जैन

हाल ही में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने महिला-पुरुष समानता को लेकर साल 2021 के लिए अपनी रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट कुल 156 देशों को मिलाकर बनाई गई है। 156 देशों की जेंडर गैप रिपोर्ट में भारत को 140 वां स्थान प्राप्त हुआ है , भारत पिछले साल की तुलना में 28 स्थान फिसलकर नीचे आ चुका है। पिछले साल भारत को 112वां स्थान प्राप्त हुआ था जो कि साल 2019 की तुलना में 4 स्थान नीचे था। आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि महिला पुरुष समानता की बात आने पर भारत की हालत लगातार खराब होती जा रही है। रिपोर्ट में इस असमानता की एक बड़ी वजह कोरोनावायरस को बताया जा रहा है और अब यही कारण है कि महिला-पुरुषों के बीच समानता आने में करीब 135.6 साल लग जाएंगे, जो पिछले साल तक 99.5 साल थे। यानी साल भर में यह अंतर करीब 36 साल बढ़ गया है।

राजनीति के क्षेत्र में महिला पुरुष असमानता के अंतर को पाटने में लगेंगे 145 साल


इस रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा असमानता राजनीति के क्षेत्र में देखी गई है।  महिलाओं को पुरुषों की बराबरी तक पहुंचने में 145 साल लग जाएंगे। पूरे विश्व भर में राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 22% है, वहीं आर्थिक समानता की बात की जाए तो आर्थिक समानता में महिलाओं की संख्या करीब 58% है, लेकिन पुरुषों के बराबर आने में उन्हें 267.6 साल लग जाएंगे। सबसे कम असमानता स्वास्थ्य क्षेत्र में देखी गई जहां 96% महिलाओं की हिस्सेदारी है इसके बावजूद उन्हें पुरुषों के बराबर आने में 14 साल लगेंगे।

आइसलैंड में होता है सबसे कम भेदभाव, पिछड़े माने जाने वाले देश भी है हमसे आगे


महिला-पुरुष समानता के मामले में आइसलैंड शीर्ष पर है। पिछले 12 सालों से आइसलैंड जेंडर गैप इंडेक्स में टॉप पर बना हुआ है। वहां समानता का स्तर करीब 90% है, यानी सबसे कम भेदभाव। आम तौर पर पिछड़े माने जाने वाले नामीबिया, रवांडा और लिथुआनिया जैसे देश भी इस मामले में शीर्ष-10 देशों में शामिल हैं। इस इंडेक्स में टॉप करने वाले पांच देश

• आइसलैंड

• फिनलैंड

• नॉर्वे

• न्यूजीलैंड

• स्वीडन

चार प्रमुख पैमानों के आधार पर प्रतिवर्ष तैयार किया जाता है जेंडर गैप इंडेक्स


देश की अर्थव्यवस्था में आर्थिक भागीदारी और अवसर, शिक्षा क्षेत्र में शिक्षा का स्तर, स्वास्थ्य एवं जीवित रहने की स्थिति और राजनीतिक सशक्तिकरण इन चार प्रमुख पैमानों को जेंडर गैप इंडेक्स बनाने में शामिल किया जाता हैं। महिला पुरुषों की प्रगति और अंतर का अध्ययन करने वाला यह इंडेक्स हर साल वर्ल्ड इकोनामिक फोरम द्वारा जारी किया जाता है। इस इंडेक्स के अनुसार अब तक 37 देश शिक्षा के क्षेत्र में महिला पुरुष समानता हासिल कर चुके हैं वही राजनीति के क्षेत्र मे अभी भी सबसे ज्यादा असमानता देखी जा रही है।