सुरभि जैन

14 फरवरी 2019 को पुलवामा जम्मू और कश्मीर में हुए दिल दहला देने वाले आतंकवादी हमले को 2 साल पूरे हो गए। सुरक्षा बलों पर हुए सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक ने राष्ट्र को झकझोर दिया था। हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए थे। जवानों की बस पर विस्फोटक से भरे वाहन से हमला किया गया था। यह कोई हमला नहीं था। इससे पहले भी कई खतरनाक आंतकी हमले हुए और इसके बाद भी अंतकियों ने कई हमले किए। जिस पर सिर्फ जवानों की शहादत ही नहीं, बल्कि पूरा देश गमगीन हुआ। आपको बताते हैं देश में हुए ऐसे 7 बड़े आतंकी हमले जिसने देशभर के लोगों को झकझोर कर रख दिया…

2016 में उरी हमलाः सेना के बेस कैंप पर हुआ था हमला, 17 जवान शहीद हुए

18 सितंबर 2016 को भी सेना पर बहुत बड़ा हमला हुआ। हथियारों से लैस आतंकवादियों ने कश्मीर के उरी में एक सेना के अड्डे पर हमला किया जिसमें 17 जवान मारे गए। सेना का यह ठिकाना एलओसी से कुछ किलोमीटर की दूरी पर और श्रीनगर से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित था। 20 सेना के जवान भी घायल हो गए थे। लगभग तीन घंटे की बंदूक से लड़ाई के बाद चार आतंकवादी मारे गए। इस हमले को दो दशकों में कश्मीर में सुरक्षा बलों पर सबसे घातक हमला बताया गया था।

2008 का 26/11 मुंबई हमलाः 166 लोग मारे गए थे, 300 घायल हुए

यह देश के इतिहास में सबसे भयानक हमलों में से एक है। 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा के 10 भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने मुंबई में तबाही मचाई, जिसमें लगभग 166 लोगों की जान चली गई और 300 से अधिक घायल हो गए। यह मुंबई शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर कोऑर्डिनेट तरीके से किया गया शूटिंग और बमबारी का हमला था।

13 मई 2008 पिंक सिटी जयपुरः हर 15 मिनट में 9 विस्फोट, 80 की मौत

गुलाबी शहर जयपुर में 13 मई 2008 को हुए आतंकवादी हमले से फिर से राष्ट्र स्तब्ध था। 15 मिनट की अवधि में नौ बम विस्फोटों की सीरीज में लगभग 80 लोग मारे गए थे और 170 से अधिक घायल हुए। यह पहली बार था जब आतंकवादियों ने जयपुर को निशाना बनाया था। भारत का दसवां सबसे बड़ा शहर और इसके सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक जयपुर में दिन के सबसे व्यस्त समय में ऐतिहासिक स्मारकों के पास बम फटे थे। बमों में से एक जयपुर के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक हवा महल के करीब विस्फोट हुआ था।

11 जुलाई 2006 मुंबईः 11 मिनट में 7 धमाके हुए, 209 लोग मारे गए

11 जुलाई 2006 को मुंबई में 7 बम धमाके एक ही सीरीज में हुए। देश की इकोनॉमी कैपिटल कहे जाने वाले मायानगरी मुंबई में उपनगरीय रेलवे पर 11 मिनट की अवधि में यह बम धमाके हुए। पश्चिम रेलवे के मुंबई डिवीजन में ट्रेनों में प्रेशर कुकर में बम रखे गए थे। इन धमाकों में 209 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए। आतंकवादी संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली थी।

29 अक्टूबर 2005, दिल्लीः कई बाजारों में हुए विस्फोट, 66 लोग मरे

29 अक्टूबर 2005 को दिल्ली के भीड़ भरे बाजारों में किए गए बम विस्फोटों में लगभग 66 लोगों की जान चली गई थी और 200 से अधिक घायल हो गए थे। भीड़ बाजारों और कुछ शहर क्षेत्रों को लक्षित किया गया। ये विस्फोट सरोजनी नगर, पहाड़गंज और गोविंदपुरी में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस में हुए थे। 2005 के धमाकों को लश्कर के एक आतंकवादी समूह के साथ जोड़ा गया था। यह कहा गया था कि 2005 में दिल्ली में हुए सिलसिलेवार विस्फोट मुंबई के 1993 में हुए विस्फोटों के बाद कश्मीर के बाहर भारत में सबसे बड़ा आतंकवादी हमला था।

13 दिसंबर 2001, दिल्लीः जब संसद पर हुआ हमला, मारे गए 9 लोग

13 दिसंबर 2001, भारतीय इतिहास का वह पहला दिन है जब आतंकवादियों ने संसद परिसर पर हमला किया और गोलीबारी की जिसमें नौ लोग मारे गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक हमले की जगह से तीन एके -47 राइफल, मैगजीन और यूबीजीएल ग्रेनेड के साथ एक नोट बरामद किया गया था। पीड़ितों में 5 दिल्ली पुलिस के जवान, एक महिला CRPF जवान, 2 पार्लियामेंट वॉच और वार्ड स्टाफ और एक माली थे। घायल हुए एक पत्रकार की बाद में मौत हो गई। हमला करने वाले सभी पांच आतंकवादियों को गोली मार दी गई थी।

12 मार्च 1993, मुंबईः सिलसिलेवार बम विस्फोटों में मारे गए 257 लोग

12 मार्च, 1993 को मुंबई में सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए जिसमें 257 व्यक्तियों की मौत हो गई और 700 से अधिक व्यक्ति घायल हो गए थे। इस हमले में 27 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति नष्ट हो गई थी। झकझोर देने वाले बम धमाकों के मामले में दाऊद इब्राहिम मुख्य आरोपी था। भारतीय धरती पर सबसे बड़े समन्वित आतंकवादी हमले में पहला विस्फोट बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की इमारत में लगभग 1:30 बजे हुआ और उसके बाद अगले 2 घंटों में शहर के कई स्थानों पर कार और स्कूटर बमों के सिलसिलेवार फटने की घटना हुई।