निखिल शर्मा

  • 2014 से 2020 तक 17 कानूनों को वापस ले चुकी है बीजेपी सरकार
  • किसान गणतंत्र दिवस के मौके पर निकलेनेगे ट्रेक्टर परेड

कृषि कानूनों पर अड़ियल रवैया अपना रही भाजपा सरकार पिछले 6 वर्षों में कई कानून वापस ले चुकी है। भाजपा सरकार में पहले कई बार ऐसा हो चुका है जब सरकार ने अपने बनाए कानूनों को वापस लिया है। कुछ कानून लोकसभा में आने के बाद वापस हुए तो कुछ लोकसभा और राज्यसभा दोनों के बाद, तो कुछ एक सदन में ही बहस के बाद वापस हो गए। सरकार में आने के बाद बीजेपी सरकार 17 कानूनों को वापस ले चुकी है।

2014 में भाजपा की सरकार बनने से लेकर 2020 तक मोदी सरकार 17 कानूनों को वापस ले चुकी है।

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The Banking Regulation (Amendment) Bill, 2020
The Code on Social Security, 2019
The Industrial Relations Code, 2019
The Occupational Safety, Health and Working Conditions
THE ALLIED AND HEALTHCARE PROFESSIONS BILL, 2018
The Financial Resolution and Deposit Insurance Bill, 2017
The National Sports University Bill, 2017
The Payment of Wages (Amendment) Bill, 2016
The Merchant Shipping (Amendment) Bill, 2015
The Consumer Protection Bill, 2015
The Repealing and Amending (Third) Bill, 2015
THE HOMOEOPATHY CENTRAL COUNCIL ( AMENDMENT) BILL, 2015
The Negotiable Instruments (Amendment) Bill, 2015
THE COMMERCIAL COURTS, COMMERCIAL DIVISION AND COMMERCIAL APPELLATE DIVISION OF HIGH COURTS BILL, 2015
The Micro, Small and Medium Enterprises Development (Amendment) Bill, 2015
The Citizenship (Amendment) Bill, 2014
The Railways (Amendment) Bill, 2014

ऐसे मे यही सवाल उठता है कि आखिर यह सरकार का हठ है या फिर कोई खास मजबूरी जिसके चलते सरकार कानून वापस लेने पर विचार नहीं कर पा रही है। सवाल यह भी उठता है कि जिन किसानों के लिए यह कानून बने हैं वही किसान जब इन कानूनों के विरोध में हैं तो सरकार आखिर इन्हें किसानों के उपर थोपने पर क्यों आमादा है।