श्वेता शर्मा

सरकार ने आज से देश के सभी टोल पर फासटैग अनिवार्य कर दिया है। 15 फरवरी रात 12 बजे से सभी चौपहिया वाहनों के लिए देशभर में इसे लागू कर दिया है। यानी अगर आप नेशनल हाइवे पर सफर कर रहे हैं और आपके पास फासटैग नहीं है तो आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। फासटैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण संचालित करता है। देश में इसकी शुरुआत 2014 में अहमदाबाद और मुंबई में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी। मगर अब इसे पूरे देश में अनिवार्य कर दिया गया हैै। सबसे पहले दिसम्बर 2019 से इसे अनिवार्य रूप से लागू किए जाने का निर्णय हुआ था। मगर लोगों की फासटैग का लेकर समझ विकसित करने के चलते इसे मार्च तक आगे बढ़ा दिया गया। इसके बाद कोरोना के चलते इसे अनिवार्य करने की तारीख आगे बढ़ती रही। अंततः अब सरकार ने इसे लागू कर अनिवार्य कर दिया है। फाॅसटैग को अनिवार्य किए जाने पर द् न्यूजिश की इस रिपोर्ट में जानिए फासटैग से जुड़ी हर वो जानकारी जो आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।

क्या है फासटैग और कैसे काम करता है ?

fastag आपके टोल के ऑटोमैटिक भुगतान के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम है। इसमें आपके वाहन की रजिस्ट्रेशन डिटेल्स की जानकारी जुडी होती है। ये एक ऐसा टैग या चिप है जो की रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी पर काम करता है। इसे आपके वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाया जाएगा और ये आपके सेविंग या प्रीपेड अकाउंट से लिंक होगा। जैसे ही आप किसी टोल प्लाजा पर रुकेंगे, वहां लगा स्कैनर इसे खुद ब खुद स्कैन कर लेगा। इसपर टोल का एक नियत भुगतान आपके अकाउंट में से काट लिया जाएगा।

कहाँ से बनवा सकते हैं फासटैग

राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा या फिर किसी भी बैंक से आप यह बना सकते हैं। इसके अतिरिक्ति Indian oil corporation या bharat petroleum के पेट्रोल पंप सहित amazon, flipkart या paytm जैसे ई-काॅमर्स वेबसाइट से भी आप अपने लिए फासटैग मंगवा सकते हैं। आपका फासटैग जिस भी अकाउंट से लिंक होगा टोल का भुगतान उसी अकाउंट में से होगा। अगर आपका फासटैग अकाउंट किसी ई-कॉमर्स वॉलेट से लिंक होगा तो भुगतान उस वॉलेट में से काटा जाएगा ।

जरूरी दस्तावेज और फीस

fastag बनवाने के लिए आपको वाहन के जरूरी कागजात देने होंगे। इसके तहत वाहन के मालिक की पासपोर्ट साइज फोटो, आरसी और कोई भी पहचान पत्र देना होगा। यदि आप fastag जारीकर्ता बैंक के पहले से ग्राहक है तो ऐसे में आपको महज फोटो और RC ही जमा कराने की जरुरत होगी। पहली बार में इसकी एक ज्वाॅइनिंग फीस 200 रूपए है। साथ ही रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपोसिट 200 रूपए है। इसे दोबारा re-issue कराने का चार्ज 100 रूपए होगा। ये स्टीकर पांच साल तक की वैधता वाला होगा। अगर आप पेटीएम से इसे खरीदते हैं तो आपको 500 रुपए का भुगतान करना होगा। साथ ही अपने fastag अकाउंट में कम से कम 100 रूपए जरूर रखे अन्यथा ये काम नहीं करेगा।

एसएमएस और एप से मिल जाएगी जानकारी

जब भी आप किसी toll plaza को क्रॉस करेंगे तो टोल पर भुगतान की गई राशि का एक sms आपके फोन पर आ जाएगा। इसमें जानकारी होगी कि आपके खाते से कितनी राशि काटी गई है। इसके अतिरिक्त आप अपने फोन पर माय fastag app भी install कर सकते है और इसमें अपना e wallet या बैंक अकाउंट लिंक कर सकते है जिसमें आपको अपने टोल के भुगतान तथा fastag की वैधता आदि की जरूरी जानकारी मिलती रहेंगी ।

नहीं बनवाने पर क्या नुकसान है

फासटैग नहीं होने पर आपको टोल का दोगुना भुगतान करना होगा। साथ ही फासटैग के बिना ऐसे कई काम आप नहीं करा पाएंगे। जैसे ट्रांसपोर्ट फिटनेस सर्टिफिकेट को रीन्यू करवाने के लिए फासटैग का होना अनिवार्य है। साथ ही अप्रेल 2021 से थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के लिए भी फासटैग का होना जरूरी होगा।

रिटर्न जर्नी पर क्या है भुगतान प्रक्रिया

24 घंटे के अंदर ही अगर आप एक टोल से return journey करते हैं तो टोल में फायदा मिलता है। फासटैग में आप आने और जाने पर पूरे टोल का भुगतान कर देंगे। मगर यदि आप 24 घंटो में ही वापस आ जाते हैं तो छूट की राशि बाद में आपके अकाउंट में दोबारा जोड़ दी जाएगी। मान लीजिए कि किसी टोल पर सिंगल जर्नी का टोल 90 रूपए और रिटर्न जर्नी का टोल 150 रूपए है। अबतक रिटर्न जर्नी की पर्ची एक बार में ही 150 रूपए कट जाया करती थी। मगर फासटैग में ऐसा नहीं होगा। फासटैग में आपकी दोनों जर्नी पर 90-90 रूपए आपके अकाउंट से काट लिए जाएंगे। 24 घंटे में अगर आपकी दोनों जर्नी दर्ज होती है तो जो 30 रूपए आपके खाते से अतिरिक्त कटे हैं वो दोबारा अकाउंट में डाल दिए जाएंगे।

फासटैग के फायदे

फासटैग के कई फायदे हैं। इससे टोल प्लाजा पर लम्बी लाइनों में लगने से छुटकारा मिले। छुट्टे पैसों की उपलब्धता की समस्या भी लोगों को नहीं होगी। लाईन में लगने से जलने वाले अतिरिक्ति पेट्रोल-डीजल की भी बचत होगी। इससे प्रदूषण में भी कमी आएगी, टोल की चोरी रूकेगी। साथ ही फासटैग पर cashback offers भी मिलेंगें

नॉन ट्रांस्फेरेबल होगा और क्षतिग्रस्त होने पर क्या करें

फासटैग को ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। ये नॉन ट्रांस्फेरेबल होगा और अगर ये फट गया या चोरी हो गया या क्षतिग्रस्त हो गया है तो आप इसे पेटीएम से दोबारा जारी करवा सकते हैं या फिर बैंक में पुरानी डिटेल्स देकर दोबारा इशू करा सकते हैं। इसके लिए आपको 100 रुपए का भुगतान करना पड़ सकता है।