श्वेता शर्मा

देश में स्वतंत्रता के बाद पहली बार किसी महिला को फांसी होने जा रही है। दरअसल शबनम अली बावनखेड़ी गांव, अमरोहा उत्तर प्रदेश से थी जो सलीम नाम के युवक से प्रेम करती थी। मगर उनके परिवार को इस बात से ऐतराज़ था। खाने में नशीला प्रदार्थ मिलाकर मौका पा कर माता-पिता सहित परिवार के 7 लोगों की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका ख़ारिज होने के बाद राष्ट्रपति द्वारा भी इनकी दया याचिका को ख़ारिज कर दिया गया है। ऐसे में अब मथुरा जेल में फांसी की तैयारी होने लगी है। देश में यह किसी महिला अपराधी को फांसी मिलने वाली पहली सजा होगी। यह खबर चर्चा में है।

भारत में 15 वर्ष की आयु से कम के लोगों को, गर्भवती महिलाओ को, मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों को और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इस दंड से मुक्त रखा जाता है। आपको बताते हैं फांसी के साथ मौत की उन सजाओं को जिसे अन्य देशों में दिया जाता है। यह भी बताएंगे कि आखिर कितने देशों ने फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। एक रिपोर्ट…

142 देशों में समाप्त हो चुका है मृत्यु दंड, 35 देशों में 10 साल से कोई मौत की सजा नहीं

दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जहां अपराध कैसा भी क्यों ना हो मगर इन देशों में मृत्यु दंड नहीं दिया जाता है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट की मानें तो दुनिया में कुल 142 देश ऐसे हैं जहां पर मृत्यु दंड का नियम समाप्त हो चुका है। इनमें 95 देशों ने मृत्यु दंड को पूरी तरह से निषेध कर दिया है जबकि 9 देशों ने इसे सिर्फ विशेष परिस्थितियों के लिए रखा है। और 35 देशों ने पिछले दस वर्षो में किसी को भी मृत्यु दंड नहीं दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2017 में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर फांसी पर रोक की मांग की गई थी। दलील थी की फांसी तकलीफदेह सजा है जो दर्द देने वाला और लम्बा तरीका है। मृत घोषित करने में 40 मिनट का समय लग जाता है। ऐसे में ये सजा गोली मार कर या फिर ज़हरीले इंजेक्शन से दी जा सकती है, क्योंकि इनमें 5 से 10 मिनट से कम समय में जान निकल जाती है। हालांकि इस याचिका पर कोई फैसला अब तक नहीं लिया गया है।

विश्व के 58 देशों में अब भी दिया जाता है मृत्यु दंड, तरीके कई

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार 58 देशों में अब भी मृत्यु दंड की सजा दी जाती है और इनमें ज्यादातर एशियाई देश शामिल हैं, जहां विश्व की अधिकांशतः जनता निवास करती है। दुनिया के अलग अलग देशों में सजा ए मौत के अलग अलग तरीके अपनाये जाते हैं।

जानिये किन देशों में कैसे दिया जाता है मृत्यु दंड।

  • भारत,  मलेशिया, बारबाडोस, बोत्सवाना, तंजानिया, जाम्बिया, दक्षिण कोरिया और जिम्बाबे में फांसी लगाकर मृत्यु दंड दिया जाता है।
  • कैमरून, सीरिया, युगांडा, कुवैत, ईरान, मिस्र और बांग्लादेश जैसे देशों में फांसी के साथ साथ गोली मारकर भी यह सजा दी जाती है।
  • यमन, टोगो, थाईलैंड, बेहरीन, चिली, इंडोनेशिया, घाना, तुर्कमेनिस्तान और आर्मीनिया में गोली मारकर सजा ए मौत दी जाती है।
  • अफगानिस्तान और सूडान जैसे देशों में मृत्यु दंड के लिए फायरिंग, फांसी और लोगों द्वारा पथराव तीन विकल्प इस्तेमाल किये जाते हैं।
  • चीन में फांसी, जहरीला इंजेक्शन या फिर फायरिंग इन तरीकों से इस सजा को पूरा किया जाता है।
  • अमेरिका में करंट लगाकर (करंट की कुर्सी), जहरीली गैस, फांसी और फायरिंग जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जाता है।
  • फिलीपीन्स में ज़हरीले इंजेक्शन को उपयोग में लाया जाता है।
  • कई मुस्लिम देश रेप के गुनाह को लेकर बहुत सख्ती से पेश आते हैं। ईराक में बलात्कार के आरोपी को मरने तक पत्थर मारे जाते हैं।
  • खाड़ी के कुछ देशों में सरेआम सर कलम करने की सजा भी बलात्कार का आरोप सिद्ध हो जाने पर दी जाती है।
  • वहीं पोलैंड में बलात्कार के आरोपी को सुअरों से कटवाया जाता था और अब एक नए कानून के अनुसार रेप के आरोपी को नपुंसक बना दिया जाता है।
  • वहीँ इंडोनेशिया में रेप के आरोपी को नपुंसक बना कर उसमे महिलाओ के हार्मोन्स भी डाल दिए जाते हैं।
  • UAE में रेप के अपराध की पुष्टि हो जाने पर सात दिन के अंदर ही फांसी दे दी जाती है।