उन्नाव रेप केस के दोषी की पत्नी को टिकट देने पर भाजपा की हो रही है जमकर खिंचाई

कुलदीप सेंगर… जी हां ये वही नाम है जिसने कभी भाजपा को कई दिनों तक मुंह छिपाने के लिए मजबूर कर दिया था। दरिंदगी ही ऐसी थी कि सवाल सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किए जाने लगे थे और महीनों तक उन्होंने चुप्पी साध ली थी। उन्नाव का वह रेप केस जिसने पूरे देश को शर्मसार कर दिया था। रेप में शामिल थे भाजपा के तब के विधायक कुलदीप सेंगर भी। आज उनके नाम की चर्चा फिर से है क्योंकि बलात्कारी कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर को भारतीय जनता पार्टी ने ज़िला पंचायत के चुनाव में उम्मीदवार बनाया है। संगीता उन्नाव की निवर्तमान ज़िला पंचायत अध्यक्ष हैं। उत्तर प्रदेश के बांगरमऊ से कुलदीप सेंगर चार बार विधायक रह चुके हैं। वे फिलहाल जेल में हैं और भाजपा ने कुलदीप की सदस्यता रद्द कर दी थी। अब सेंगर की पत्नी को टिकट देने पर फिर से भाजपा की छवि को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तो जमकर खिंचाई की जा रही है। राजनीति में आपराधिक छवि और अपराध से जुड़े नेताओं की चर्चा के बीच जानिए उत्तर प्रदेश के विधायकों का क्रिमिनल रिकॉर्ड…

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में चुनकर आए 403 विधायकों में से 147 विधायकों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। वहीं 2019 में जीते 80 सांसदों में से 44 पर आपराधिक मामले दर्ज थे। विधानसभा चुनाव में 403 विधायक चुनकर आए, उनमें से 143 यानी 36% पर आपराधिक मामले दर्ज थे। इस चुनाव में भाजपा ने सबसे ज्यादा 312 सीटें जीती थीं। उसके सबसे ज्यादा 114 विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके अलावा बसपा, सपा और कांग्रेस के 20 विधायक क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले थे। लोकसभा के 80 में से 44 सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज, इनमें भाजपा के 35, बसपा के 5 और सपा के 2 सांसद

सेंगर की पत्नी को टिकट देने पर किसने क्या कहा…

दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन बोलीं- महिला सुरक्षा का ढोंग करने वाली भाजपा को शर्म आनी चाहिए

दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालिवाल सेंगर की पत्नी को टिकट देने पर ट्वीट किया- उन्नाव के भयावह बलात्कार और हत्या के आरोपी कुलदीप सेंगर को भाजपा लंबे समय तक बचाती रही, अब इनकी पत्नी को अपनी पार्टी से ज़िला पंचायत का चुनाव लड़वा रहे हैं। शर्म आनी चाहिए, एक तरफ महिला सुरक्षा की बातें करते हो और दूसरी तरफ ऐसे अपराधियों को बढ़ावा भी देते हो?

रिटायर्ड आईएएस बोले- अपराधियों का वर्चस्व क़ायम रहेगा, जमाना देख हा है

रिटायर्ड आईएएस और ट्विटर पर सक्रिय रहने वाले सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट किया- कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर जी बनी भाजपा उम्मीदवार। अपराधियों का वर्चस्व क़ायम रहे, फिर चाहे वो बलात्कारी हो, डकैत हो, या हत्यारा। ये कुलदीप सेंगर की ‘बैक डोर’ एंट्री क्यूँ? खुल कर कहिए हम कुलदीप सेंगर के साथ हैं, इसमें शर्माने की क्या बात है?  सारा जमाना देख रहा है।

आम आदमी पार्टी बोली- बलात्कारियों की पार्टी है बेशर्म भाजपा

आम आदमी पार्टी से विधायक सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट किया- बलात्कारियों की पार्टी भाजपा… हाथरस में भाजपा बलात्कारियों के साथ, उन्नाव में भाजपा बलात्कारी के साथ, कठुआ में भाजपा ने निकाली बलात्कारी के लिए तिरंगा यात्रा। बलात्कार की सजा होने के बाद भी कुलदीप सेंगर की पत्नी बनाई है भाजपा की प्रत्याशी। बेशर्म पार्टी।

तो क्या विधानसभा में भी सेंगर की पत्नी को टिकट देगी भाजपा…

वरिष्ठ पत्रकार रोहिणी सिंह ने ट्वीट किया- हाथरस और बलरामपुर की घटना के बीच उन्नाव में योगी जी का एक कार्यक्रम हुआ। मंच पर मौजूद ये महिला कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी ‘संगीता सेंगर’ हैं। आने वाले उपचुनाव में ‘बाँगरमऊ’ विधानसभा से इन्हें भाजपा विधायक का टिकट भी दे सकती है। ये अपराध, भ्रष्टाचार और अहंकार का त्रिवेणी संगम है।

कुलदीप सेंगर की काली कहानी क्या है…

कुलदीप सेंगर ने 2017 में भाजपा के टिकट पर उन्नाव की बांगरमऊ विधानसभा सीट से चुनाव जीता। बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया फिर यह सीट खाली हो गई। इसके बाद सेंगर को पार्टी से भी निष्कासित कर दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार कुलदीप सेंगर ने चार जून 2017 को पीड़िता का बलात्कार किया था। उस समय पीड़िता की उम्र 17 साल थी। पीड़िता के पिता पर अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज किया गया था। न्यायिक हिरासत के दौरान 29 अप्रैल 2018 को उनकी मौत हो गई थी। इस आरोप में सेंगर और 10 अन्य के खिलाफ आरोप तय हुए। सेंगर के भाई और अन्य के खिलाफ पीड़िता के पिता की हत्या के आरोप में चार्जशीट दाखिल की गई थी। हत्या के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर और छह अन्य लोगों को दस साल कैद की सजा सुनाई थी। इन छह अन्य लोगों में सेंगर के भाई और दो पुलिसकर्मी भी शामिल थे।